जूही चावला आज के समय में भारत की सबसे अमीर अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनकी लाइफस्टाइल बेहद आलीशान है:
: बोल राधा बोल (1992), राजू बन गया जेंटलमैन (1992), यश बॉस (1997), और इश्क (1997)。
क्या आप उनके के बारे में जानना चाहते हैं?
मिस इंडिया बनने के बाद जुही के लिए फिल्मों के दरवाजे खुलते देर नहीं लगी। साल 1986 में उन्होंने फिल्म 'सल्तनत' से डेब्यू किया। हालांकि यह फिल्म कुछ खास नहीं चल पाई, लेकिन इसने उन्हें परदे पर उतरने का अनुभव दिया। मगर असली चमक आई 1988 में, जब उनकी फिल्म ने बॉलीवुड में धमाल मचा दिया। यह फिल्म आमिर खान के साथ रिलीज हुई थी। एक झटके में पूरा देश जुही के प्यार में पागल हो गया था। इतनी मासूमियत से भरी एक्टिंग देखकर लगा मानो सच में 'प्यार का साथ' ही उनकी पहचान बन गया। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। जुही के लिए यह जिंदगी का वो मौका था, जिसने उन्हें एक स्टार का दर्जा दिलाया।
जूही चावला का जन्म एक मध्यम वर्ग के परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम जोरावर सिंह चावला और माता का नाम सुधा चावला है। जूही ने अपनी शिक्षा अहमदाबाद के सेंट एनीस कॉलेज से प्राप्त की।
जूही चावला फिल्मोग्राफी - विकिपीडिया
1988 में आई फिल्म कयामत से कयामत तक ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का 'बेस्ट फीमेल डेब्यू' अवॉर्ड मिला।
जूही चावला ने 1995 में फिल्म निर्माता यश चोपड़ा से शादी की थी, लेकिन बाद में उन्होंने 2008 में फिल्म निर्माता और अभिनेता अक्षय कुमार से शादी कर ली। जूही और अक्षय के दो बच्चे हैं, बेटी निशा और बेटा रोहन।
जूही को असली पहचान 1988 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कयामत से कयामत तक'
आमिर खान, अजय देवगन और काजोल के साथ आई यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी हिट्स में से एक थी।
इतने बिजी शेड्यूल और उम्र के इस पड़ाव पर भी जूही चावला जबरदस्त फिट हैं। उनकी फिटनेस का सबसे बड़ा राज है । वो जिम की कठोर कसरत में विश्वास नहीं रखतीं, बल्कि उन्होंने अपने घर में ही एक अलग कमरा योग के लिए समर्पित कर रखा है, जहां वो रोज अयंगर योग का अभ्यास करती हैं।



