1. आधुनिक विश्व का उदय और पुनर्जागरण
: The standard editions typically cover the era from 1500 to 2000 A.D. .
2. ओपन-सोर्स और स्टडी ग्रुप्स
जैन प्रकाशन मंदिर (Jain Prakashan Mandir) समय सीमा: 1500 - 2000 ईस्वी भाषा: jain and mathur world history in hindi pdf
पुस्तक में 16वीं शताब्दी से लेकर द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद (1950 ई.) तक के वैश्विक घटनाक्रम को बहुत ही व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक जटिल ऐतिहासिक घटनाओं को बहुत ही सरल हिंदी में समझाती है, जिससे छात्रों के लिए समझना आसान हो जाता है।
लेखक डॉ. जैन और डॉ. माथुर ने विश्व इतिहास की जटिल घटनाओं को कालक्रम (Chronological Order) के अनुसार बहुत ही खूबसूरती से पिरोया है। is below: 6.
प्राचीन काल (ई.पू. — 500 ई.)
19वीं शताब्दी में इटली और जर्मनी का एकीकरण (Unification of Italy and Germany)।
विभिन्न यूपीएससी प्रिपरेशन ग्रुप्स और शिक्षा संबंधी वेबसाइटों पर छात्रों की सहायता के लिए इसके स्कैन किए गए संस्करण उपलब्ध रहते हैं, जिन्हें आप अपनी व्यक्तिगत पढ़ाई के लिए डाउनलोड कर सकते हैं। निष्कर्ष (Conclusion) jain and mathur world history in hindi pdf
दूसरी और तीसरी रीडिंग के दौरान प्रत्येक अध्याय के प्रवाह चार्ट (Flow Charts) और बुलेट पॉइंट्स में नोट्स बनाएं ताकि परीक्षा के समय त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision) किया जा सके।
The book is designed as a complete reference for modern world history, covering a period of about 500 years. A detailed breakdown of the key topics it covers, as found in the descriptions of its various editions, is below:
6. द्वितीय विश्व युद्ध और समकालीन विश्व
यहाँ जैन और माथुर (Jain and Mathur) द्वारा लिखित पुस्तक पर एक विस्तृत लेख दिया गया है। यह लेख संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य लोक सेवा आयोगों (जैसे BPSC, UPPSC, MPPSC) और यूजीसी नेट (UGC NET) के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
युद्ध के कारण, पेरिस शांति सम्मेलन और वर्साय की संधि।